शनिवार 4 अप्रैल 2026 - 18:39
शांति और युद्ध का अधिकार वली ए फकीह के हाथ में है

हौज़ा / क़ुम के हौज़ा ए इल्मिया के प्रतिनिधियों और उलेमा की परिषद के उपाध्यक्ष ने कहा, आज ईरानी इस्लामी गणराज्य का सारे कुफ्र, अत्याचार और साम्राज्यवाद के खिलाफ डटकर बचाव उम्मात ए इस्लामी के लिए गौरव का कारण है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मद सईदी जो क़ुम के हौज़ा ए इल्मिया के छात्रों और विद्वानों की परिषद के उपाध्यक्ष हैं,उन्होने हौज़ा संवाददाता के साथ बातचीत में ईरानी राष्ट्र की वीरतापूर्ण उपस्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के साथ बैत और कुफ्र और अत्याचार के मोर्चे के खिलाफ हमारे सशस्त्र बलों के समर्थन में ईरानी इस्लामी राष्ट्र की भारी उपस्थिति, सार्वभौमिक जिहाद का उदाहरण है।

उन्होंने कहा, जिस प्रकार महान शहीद कमांडर कासिम सुलेमानी का आदेश इस्लामी गणराज्य के इतिहास-रचयिता सभी मैदानों में लोगों की उपस्थिति का आदेश था उसी प्रकार आज भी सर्वोच्च नेता इस उपस्थिति पर जोर देते हैं, और हम व्यावहारिक रूप से इस्लामी क्रांति पर ईश्वरीय अदृश्य सहायताओं के प्रति लोगों की आज्ञाकारिता को मानते हैं।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सईदी ने इस्लामी गणराज्य के वीर सेनानियों की सराहना और प्रशंसा करते हुए कहा कि जान फिदा-ए-ईरान  नामक बड़ा अभियान ईरानी इस्लामी गणराज्य की एकता, अखंडता और एकरूपता का उदाहरण है।

उन्होंने कहा,शांति और युद्ध का अधिकार वली-ए-फकीह के हाथ में है, और किसी भी वास्तविक या कानूनी व्यक्ति/संस्था को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

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